Independence Day

72th India Independence Day (15 August) Speech In Hindi, English, Tamil, Telugu, Marathi For Teachers, Students, Kids

India का वो जासूस (SPY) जिसने अंग्रेजों को बनाया था मूर्ख। Bhagat Ram Talwar

आप सभी लोगों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई, उम्मीद है कि आपके आस पास 15 अगस्त काफी धूमधाम से मनाया जा रहा होगा। स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर हम चाहते हैं कि आपको हमारे देश के एक और क्रांतिकारी नवयुवक के बारे में पता चले जिन्होंने भारत की आजादी में अपना योगदान बखूबी दिया। सेकंड वर्ल्ड वॉर 1939 से 1945 के बीच हुए द्वितीय विश्वयुद्ध को दुनिया के इतिहास का सबसे भयानक युद्ध कहा जाता है इस युद्ध में एक तरफ मित्र राष्ट्र थे तो दूसरी तरफ धुरी राष्ट्र सेकंड वर्ल्ड वॉर में लाखों सैनिकों की जान गई लेकिन इस युद्ध में केवल सैनिक ही नहीं थे जो अपने अपने देश के लिए जान की बाजी लगा रहे थे बल्कि अलग-अलग देशों के जासूसों ने भी इस युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हम यहां उस समय के सबसे बड़े जासूस के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका नाम है भगत राम तलवार भगत राम तलवार दूसरे विश्व युद्ध के एकमात्र ऐसे जासूस हैं जिन्होंने एक नहीं, दो नहीं, बल्कि 5 देशों के लिए जासूसी की थी एक यही बात समझने के लिए काफी है कि तलवार कितने तेज तर्रार होंगे भगत राम तलवार का जन्म 1908 से पंजाब के धनी परिवार में हुआ पिता पहले ब्रिटिश समर्थक हुआ करते थे लेकिन जलियांवाला बाग हत्याकांड उनके दिल को ऐसा झटका लगा कि वह अंग्रेजों के कट्टर दुश्मन बन गए 1931 में भगत राम तलवार के भाई को एक हत्या के आरोप में अंग्रेजों ने फांसी पर चढ़ा दिया भाई को फांसी मिलने के बाद भगत राम तलवार ने तय कर लिया कि वह अंग्रेजों को देश से बाहर निकाले बिना दम नहीं लेंगे और वह पंजाब के क्रांतिकारी दल कीर्ति किसान पार्टी से जुड़ गए 1941 में कम्युनिस्ट पार्टी ने भगत राम तलवार को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी, जिम्मेदारी थी आजाद हिंद फौज के लीडर सुभाष चंद्र बोस को सोवियत संघ पहुंचाना

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Bhagat Ram Talwar indian spy

उस वक्त ब्रिटिश सैनिक सुभाष चंद्र बोस को चप्पे-चप्पे पर खोज रही थी, अगर वह पकड़े जाते तो उनके साथ साथ भगत राम तलवार को भी फांसी दे दी जाती लेकिन भगत राम तलवार ने निर्वाह की कतई परवाह नहीं की और नेता जी को सुरक्षित देश के बाहर निकलवा दियादेश के बाहर निकलने के बाद जब दोनों जर्मनी पहुंचे तो वहां पर सुभाष चंद्र बोस ने उनका परिचय इंडियन एजेंट के तौर पर करवाया जर्मन डिप्लोमेट पलभर में ही भगत राम तलवार की प्रतिभा के कायल हो गए और जर्मनी के लिए जासूसी करने के लिए रख लिया लेकिन कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा जिस भरतराम तलवार पर उन्होंने इतनी जल्दी विश्वास कर लिया वह बाद में उन्हें इतना बड़ा बेवकूफ बनाएगा भगत राम तलवार सच्चे कम्युनिस्ट थे और उनका नाजियों की मदद करने का कोई इरादा नहीं था जब जर्मन सेना ने सोवियत संघ पर आक्रमण किया तब भगत राम तलवार ने रूस से संपर्क किया और उनके लिए भी जासूसी करने लगे युद्ध के दौरान रूस और ब्रिटेन की करीबी बड़ी तो भगत राम तलवार उनकी भी जासूसी करने लगे इधर जर्मनी और जापान को भी हाथ से नहीं जाने दिया और उसके लिए भी जासूसी करने लगे 1945 में युद्ध खत्म होने से पहले भगत राम तलवार जर्मनी ब्रिटेन रूस इटली और जापान के लिए जासूसी कर रहे थे

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silver who fooled the nazis

सब उन्हें अपना समझते थे लेकिन भगत राम तलवार को अगर किसी की चिंता होती थी तो अपने देश भारत की 1945 में जर्मनी और ब्रिटेन दोनों देशों में उन्हें जासूसी के लिए बड़ा अमाउंट भी तय किया गया था 1947 में जब देश का बंटवारा हुआ तब तलवार उत्तर प्रदेश आकर बस गए और 1983 में अपने निधन तक यही रहे भगत राम तलवार की जासूसी की कहानी ऑथर एंड जनर्लिस्ट मिहिर बोस ने अपनी किताब silver who fooled the nazis में विस्तार से बताइ है आपको भगत राम तलवार की कहानी कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं

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