Independence Day

72th India Independence Day (15 August) Speech In Hindi, English, Tamil, Telugu, Marathi For Teachers, Students, Kids

Independence Day Speech in Hindi – स्वतंत्रता दिवस पर हिन्दी भाषण

Independence Day speech in Hindi for college students my face many trouble at the time of representing it on the stage because many student get nervous while reaching to the stage. One another reason for getting nervous is error in the speech as well as poor writing skills of the speech, so it is very important that independence Day speech in Hindi must be prepared very well. Every student and teachers must know the main purpose of celebrating Independence Day as this can be included in Independence Day speech that is to be written in Hindi or English. Our Prime Minister Narendra Modi is also going to give independence Day speech in Hindi which you can watch on television as well as online. 72th 15 aug independence day speech in hindi is important for everyone because this is our 72th independence and we all were waiting for this moment from many month. 15 August 2018 Independence Day speech in Hindi for teachers a very helpful for those want to prepare the best speech on this independence.

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स्वतंत्रता दिवस पर भाषण अलग-अलग स्कूल और कॉलेजों में 15 अगस्त के अवसर पर दिया जाता है यह भाषण या तो प्रिंसिपल देते हैं या तो बच्चे 15 अगस्त का भाषण हम सभी लोगों के बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भाषण हमारे देश और देशवासियों से जुड़ा है स्वतंत्रता दिवस पर भाषण देना बहुत ही बड़ी बात है और गर्व से भरा भी क्योंकि स्वतंत्रता दिवस एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है, जिस दिन हम अपने आजादी का जश्न मनाते हैं और देश के प्रति अपनी इज्जत और सम्मान प्रस्तुत करते हैं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भाषण देना बहुत ही अच्छी बात है और हमें अपने शिक्षक और अन्य सहपाठियों का बहुत ही सम्मान करना चाहिए जो 15 अगस्त पर एक अच्छा भाषण देने की इच्छा रखते हैं 15 अगस्त के लिए भाषण तैयार करना एक बहुत ही मुश्किल कार्य है जिसे स्कूल के बच्चे बहुत ही आसानी पूर्वक कर लेते हैं हमें 15 अगस्त पर अच्छा भाषण तैयार करने के लिए बहुत सारी बातों को ध्यान में रखना चाहिए ताकि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बोला गया यह भाषण बर्बाद ना जाए भारत की स्वतंत्रता के बारे में हम सभी को पता होना चाहिए खासकर उन्हें जो या स्पीच तैयार कर रहे हैं सिर्फ यही एक माध्यम है जिसके द्वारा आप एक अच्छी सी स्पीच तैयार कर सकते हैं

Motivational speech on Independence Day in Hindi for Students & Teacher

हमारे प्रिय शिक्षकों अभिभावकों, सहपाठियों और यहां उपस्थित सभी सज्जनों को मैं स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देती हूं आज हम सभी यहां देश का 72 वां स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए उपस्थित हुए हैं मैं अपने क्लास टीचर का बहुत आभारी हूं जिन्होंने मुझे देश की आजादी पर अपने विचार रखने का मौका दिया है हमारे जीवन में आज का दिन बहुत महत्व रखता है क्योंकि इस दिन हमारे देश को आजादी मिली थी यह वह दिन है जब हमें विदेशी हुकूमत की गुलामी से आजादी मिली और खुली हवा में सांस लेने का मौका मिला 15 अगस्त के दिन हम उन सभी लोगों को याद करते हैं जिन्होंने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी और देश को आजादी दिलाई अगर वह बलिदान ना करते तो शायद आज भी हम गुलाम होते 15 अगस्त 1947 के दिन हमारे देश को आजादी मिली थी, इस दिन 45 करोड़ भारतवासियों को विदेशी हुकूमत से आजादी मिली 14 अगस्त की रात्रि को पंडित जवाहरलाल नेहरु ने अपने भाषण में हमारी आज़ादी की औपचारिक घोषणा की अगली सुबह 15 अगस्त 1947 को उन्होंने लाल किले पर तिरंगा फहराया था और देश के लोगों ने कई सालों बाद आजादी की खुली हवा में सांस ली वो दिन भारत के इतिहास का एक स्वर्णिम दिन था हमारा देश आजाद हो गया था अपने भाषण में पंडित नेहरू ने कहा था आज हम दुर्भाग्य के एक युग का अंत कर रहे हैं और भारत को खोज पा रहे है, आज हम जिस उपलब्धि का उत्सव मना रहे हैं वह महज एक कदम है नए अवसरों के खुलने का, इससे भी बड़ी जीत और उपलब्धियां हमारी प्रतीक्षा कर रही है

भारत की सेवा का अर्थ है लाखों-करोड़ों पीड़ितों की सेवा करना, इसका अर्थ है गरीबी, अज्ञानता और अवसर की समानता मिटाना हमारे महान क्रांतिकारियों की यही इच्छा thi कि हर आंख से आंसू मिट जाए शायद हमारे लिए संभव ना हो पर जब तक लोगों की आंखों में आंसू है, तब तक हमारा काम खत्म नहीं होगा आज एक बार फिर इतने सालों बाद भारत जागृत स्वतंत्र है और हमें भविष्य में बुला रहा है हमें किधर जाना चाहिए और हमें क्या करना चाहिए जिससे हम आम आदमी किसानों और कामगारों के लिए आजादी और नए अवसर ला सकें भारत को एक समृद्ध लोकतांत्रिक और प्रगतिशील देश बना सके भारत में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संस्थाओं को बना करके जो हर आदमी औरत के लिए जीवन की पूर्णता और न्याय सुनिश्चित कर सकें आजादी को पाने के लिए अनेक लोगों ने अपना बलिदान दिया है – सुभाष चंद्र बोस, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी जैसे लोग के बलिदान को हम कभी नहीं भूल सकते इस आजादी को पाने के लिए हमें लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी है इसीलिए हमें इसका पूरा सम्मान करना चाहिए सुचेता कृपलानी ने 14 अगस्त की रात 11:00 बजे राष्ट्रगीत वंदे मातरम सभा में गाया गया था पराधीन सपनेहु सुख नाही और पराधीनता का जीवन कभी खुशियों भरा नहीं हो सकता कोई अपराध करना या होने देना नहीं चाहता है सभी को आजादी प्यारी होती है आज हम सभी देशवासी आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं, यह हमारे लिए बड़े ही गर्व की बात है आज हम हर तरह से स्वतंत्र हैं, हमें पढ़ने की स्वतंत्रता है, हमें कहीं भी रहने, संपत्ति खरीदने, शिक्षा पाने की स्वतंत्रता है आज हमारा देश विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है जो कि बड़े गर्व की बात है जो कि बिना परिश्रम किए कभी संभव नहीं हो पाता हमारा देश आज हर क्षेत्र में विकास कर रहा है, हमने विज्ञान, साहित्य, प्रद्योगिकी, परमाणु शक्ति, स्वास्थ्य, खेल, तकनीकी क्षेत्र में विकास किया है आज भारत पूरे विश्व में परमाणु शक्ति बनकर उभरा है ओलंपिक वर्ल्ड कप हमारे देश में आयोजित किए जाते हैं, इससे भारत की गरिमा बड़ी है विज्ञान को अच्छी तरह से जान हम लगातार विकास कर रहे हैं आज दुनिया में हमारी अलग पहचान और सम्मान है हमारे देश की राजधानी दिल्ली में इस दिन विशेष तरह से स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है हमारे प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं लाल किले पर तिरंगा फहराते हैं और राजपथ पर देश के जवान परेड करते हैं। तथा राष्ट्रगान के साथ इक्कीस तोपों की सलामी दी जाती है हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश की जाती है राजपथ पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है प्यारे साथियों हमें अपनी आजादी का सम्मान करना चाहिए हमें ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिससे देश को नुकसान पहुंचे

आज हमारे देश में कुछ ऐसे असमाजिक तत्व मौजूद हैं जो अपने निजी स्वार्थ के लिए देश को तोड़ना चाहते हैं हम सभी देशवासियों को यह शपथ लेनी चाहिए कि ऐसे लोगों को किसी भी प्रकार से मदद नहीं करेंगे ऐसे निम्न कोटि के लोगों का पूरा विरोध करेंगे जो देश को तोड़ने की बात करते हैं आज हम आजाद हो चुके हैं पर अभी भी देश के सामने आतंकवाद, नक्सलवाद, जातिवाद, भ्रष्टाचार, कन्या भ्रूण हत्या, कुपोषण, बेरोजगारी, अशिक्षा जैसे चुनौतियां बनी हुई है हम तभी एक आदर्श नागरिक कहलाएंगे जब हम इन चुनौतियों का सामना करें और इन बुराइयों को जड़ से उखाड़ फेकेंगे इसीलिए हम सभी को अपना कर्तव्य निभाना होगा मैं कामना करती हूं कि जब तक सूरज चमकता रहे हमारे देश की आजादी इसी तरह बनी रहे हमारा देश विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे और सभी लोगों का विकास होसभी धर्म जाति के लोग मिल जुल कर रहे इसी के साथ मैं अपना भाषण समाप्त करती हूं वंदे मातरम जय हिंद!!

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72st Independence Day Speech, 15 August Speech In Hindi

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भाषण – Independence Day Speech in Hindi

17 वी सदी के शुरू से ही अँग्रेज़ भारत पर आने लग गए थे। तब भारत पर मुगल का राज चलता था जो 18 वीं सदी से कमजोर होने लगा। वैसे तो वह व्यापार करने यहां पर आए थे, पर उनके इरादे कुछ और ही थे व्यापार के नाम पर वे लोग यहां की अपार संपत्ति को हड़पना चाहते थे। बड़े-बड़े सम्राट और राजाओं की भीतरी मतभेद का फायदा उठाकर वह उन सब को हराने लगे और भारत पर अपना अधिकार बनाना शुरु कर दिया। पलाशी और बक्सर की जंग पर जीत हासिल करने के बाद भारत में उनका शासन प्रतिष्ठित हो गया था। और इसी तरह शुरू हो गया ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत में शासन, व्यापार के नाम पर अँग्रेज़ यहां की मासूम जनता का शोषण किया करते थे। और इसी तरह अंग्रेज भारत के लोगों का सर्वनाश कर के फल फूल रहे थे। अत्याचार अनाचार बढ़ता ही गया किसी ज़मीन का सही उत्तराधिकार नहीं होता था तो वह ईस्ट इंडिया कंपनी का संपत्ति हो जाता था। ज़मीन को लेकर कभी कबार छोटा-मोटा विरोध होता था और वह तीन चार लोगों में ही सीमित रह जाता था। भारत के सिपाहियों के लिए वह नई-नई बंदूकें लेकर आए थे, जो गाय और सूअर की चर्बी से बनता था। जिसको भारत के सिपाहियों को दाँत से काट के बंदूक में भरना पड़ता था, इस कार्य से उनके धर्म को नष्ट करके, ईसाई धर्म को फैलाना चाहते थे। इस बात को लेकर सिपाहियों में बहुत आक्रोश था, पर विरोध करने का साहस नहीं था। तब मंगल पांडे नाम का एक सिपाही सबके सामने आया और सब को एकजुट करके अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया। 1857 का सिपाही विद्रोह पूरे देश में फैल गया था, पर वह ना-कामयाब रहा और मंगल पांडे को फाँसी दे दिया गया। उसके बाद 1885 में जन्म हुआ इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी का जो भारत के लोगों में राष्ट्रवाद की भावना तेजी से जगा रहा था। और इसी तरह बंगाल में वंदे मातरम की धुन में शिक्षित बंगाली युवाओं ने अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाने लगे। बंगाल में ब्रिटिश विरोधी भावनाओं को बढ़ते हुए देखकर, वहां के मेजर ने बंगाली लोगों को विभाजित करने का निर्णय लिया। लेकिन बंगाल के कुछ होशियार युवा संघ ने अंग्रेजों के खिलाफ हथियार उठा के देश के लिए हंसते हुए अपने प्राण त्याग कर दिए। जब बंगाल में बहुत ज्यादा हिंसा बढ़ने लगी तो अंग्रेजों ने भारत का राजधानी कोलकाता से हटाकर दिल्ली कर दिया। इस बीच प्रथम विश्वयुद्ध हुआ जहां पर अंग्रेजों ने भारत के सिपाहियों को कई दूसरे देशों में भेजना शुरू कर दिया। उसी वक्त मोहन दास करमचंद गांधी उर्फ़ महात्मा गांधी सन 1915 में दक्षिण अफ्रीका से वापस आए। उन्होंने भारत के आज़ादी को अपना लक्ष्य बना लिया था। सन 1919 में अंग्रेजों के खिलाफ बढ़ता हुआ विरोध को काबू करने के लिए ब्रिटेन ने एक कानून पास किया जिसमें किसी को भी बिना बोले गिरफ्तार किया जा सकता था। इस कानून के तहत लिखने पढ़ने की भी आज़ादी छीन ली गई थी। यह कानून पूरे भारत पर शुरू हुआ जिसमें किसी भी आंदोलन करने या सत्याग्रह करने पर कड़ी सजा थी। किसी भी तरह का बैठक करने पर प्रतिबंध लगा दिया और यहां तक कि 4 लोगों का एक साथ खड़ा होना भी अपराध था। यह प्रतिबंध वाली सूचना पूरे देश भर में प्रचलित नहीं हुई थी, इसी बीच अमृतसर के जलियांवाला बाग में काफी सारे लोग आंदोलन के लिए इकट्ठा हुए थे। अंग्रेजों ने मासूम लोगों पर गोलियां चलाने का आदेश दे दिया, जिसमें उन्होंने बाहर जाने के सारे दरवाजे बंद करके 10 मिनट तक निर्मम हत्या किया। सन 1929 पर कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज का फैसला किया, 31 दिसंबर को नेहरू जी ने लाहौर पर तिरंगा उड़ाया।
इसी तरह 26 जनवरी 1930 पर पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया, पर ब्रिटिश सरकार नहीं माने। उसके बाद कांग्रेस कार्यसमिति साबरमती पर एकत्रित हुए और आंदोलन की शुरुआत कर दी। गांधी जी ने असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया और इसमें पूरा देश शामिल हो गया। लोग पूरे देश के स्कूल, कॉलेज और ऑफिस के बाहर बहिष्कार करने लगे। बीच सड़क पर अंग्रेजों के पुतले जलने लगे, इस पर गुस्सा हो के अंग्रेजों ने गांधी जी को आंदोलन बंद करने का प्रार्थना किया परंतु गांधीजी ने आंदोलन जारी रखा। 4 जनवरी 1932 को गांधी जी को गिरफ्तार कर लिया पर गांधी जी ने उपवास करने का फैसला किया। और जब गांधी जी जेल से बाहर आए तब तक सत्याग्रह आंदोलन शुरू हो गया था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का भारत की आजादी के लिए बहुत बड़ा योगदान है, उन्होंने काफी सारे लोगों को अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ाई के लिए एकत्रित कर लिया था। अंग्रेजो की नीति के विरोध में कांग्रेस नेता सुभाष चंद्र बोस को गिरफ्तार कर लिया गया। पर वह बच निकले और जापान पहुंच गए वहां उनको जापान पहुंच चुके भारतीय सेनाओं को लेकर आजाद हिंद फौज बनाने का मौका मिला। आजाद हिंद फौज से अंग्रेज काफी भयभीत हो गए, और उन्हें भारत को स्वतंत्र करने के लिए एक बार और निर्णय लेना पड़ा। सुभाष चंद्र बोस के दिल्ली चलो आंदोलन में बहुत सारे लोग इकट्ठा हुए जिससे अंग्रेजों को भारत पर शासन करने सपना धुंधला नजर आ रहा था। सन 1942 में गांधी जी भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किए और 9 अगस्त को फिर से गिरफ्तार किया गया लेकिन इस बार भारत नहीं रुका आजादी का ख्वाब सबको लड़ने का बल दिया। कोई भी नहीं रोक सकता था आंदोलन, भाषण नियमित बन चुका था। गिरफ्तार होने का और मरने का डर हट चुका था। भारत को आजादी मिलने ही वाली थी की इस बीच मोहम्मद अली जिन्ना ने 1946 पर एक नया देश का भावना प्रस्तावित कर दिया। वह एक मुस्लिम देश चाहते थे, जिसका कांग्रेस के नेताओं ने विरोध किया। पर वह नहीं माने और शुरू हो गया दो समुदाय का दरार। एक दूसरे को भाई मानने वाले लोग आपस में लड़ने लगे, एक दूसरे को लूटने लगे, दोनों एक दूसरे का सबसे बड़ा दुश्मन बन गए। पुरे भारत की स्वतंत्रता तो तय थी। पर सबको मालूम था कि कोई नई मुसीबत आ गई है।14 अगस्त को सबकी सहमति से मुस्लिम राष्ट्र पाकिस्तान का जन्म हुआ और 15 अगस्त रात को हमारे भारत को स्वतंत्रता हासिल हुआ। पूरे देश में खुशी का माहौल तो छा गया था पर विभाजन के दौरान बहुत मासूमों का घर उजड़ गया। आजादी के 70 साल बाद आज भी यह दुश्मनी ताजा है, अंग्रेज तो चले गए हमें आपस में लड़ा के। ऐसी आजादी की मांग शाहिद भगत सिंह और राजगुरु ने नहीं की होगी। मेरा एक छोटा सा प्रयास जितने लोगों तक पहुंचे उन से मेरा यही प्रार्थना है कि इंसान के विचार इंसानियत से करें किसी धर्म या ढंग से नहीं। कृपया आपस में मिल जुल कर रहे और देश की एकता बनाने में सब बराबर की भागीदारी ले। हमारे पूर्वज हमारे देश को स्वतंत्र करने के लिए अपना खून बहाए अपना प्राण त्यागे किसी धर्म के लिए नहीं अपने देशवासियों के लिए लड़े थे।

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण देना हर किसी की बात नहीं है, यह भाषण सिर्फ को लोग दे सकते हैं जो इस देश की इतिहास और संस्कृति के बारे में भली-भांति जानते हैं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भाषण देना एक बहुत ही अच्छी बात है और हमें इस भाषण से लोगों को एक अच्छा मैसेज पहुंचाना चाहिए 15 अगस्त स्पीच हर स्कूल और कॉलेजों में दिया जाता है, बहुत सारे बच्चे शिक्षक और अध्यापक इस समारोह में हिस्सा लेते हैं यहां तक की हर राज्य में नेता और मुख्यमंत्री जी इस समारोह में भाषण देने से नहीं मुकरते हैं 15 अगस्त पर अच्छा भाषण देना हम सभी लोगों की इच्छा होती है इसीलिए 15 अगस्त के लिए भाषण तैयार करना भी एक कला है इस भाषण में बहुत सारी बातें और बहुत ही ध्यानपूर्वक चुनने की आवश्यकता है ताकि 15 अगस्त का स्पीच सबके लिए मनमोहक हो
Swatantrata Diwas par bhashan Hindi me hum Sabhi log sunna Chahte Hain aur umeed Karte Hain Ki Hamare bacchon ke School aur college mein Swatantrata Diwas ka bhashan hindi mein hi sunaya jai taki Hum Sabhi Ko Apne Rashtra Bhasha aur Desh par garv ho.

15 August independence Day speech in Hindi language PDF are prepared for everyone who want to give a speech in Hindi. There are also some PDF file that include Independence Day speech in Hindi language for teachers so that they can take some guide on giving speech this day. As today we are living so independent because of our freedom fighter as like Mahatma Gandhi, Bhagat Singh and Many more. Germany 15 August messages and other wishes that has been suggested by various visitors on some of the official Government website. Many of these website provide 72 Independence Day speech so that everyone could read them and relate that with our freedom. Independence Day in India celebrated every year on 15 August this day is very popular among indian people wish you all a very happy Independence Day and also hope that you celebrate this heart touching 72th independence Day speech in Hindi with your friends and family as well as teachers. In each and every speech there are conclusion that will win the heart of every people and made patriotic feeling among us. Prime Minister Narendra Modi Indian Independence Day speech in Hindi PDF also available on our second post from where you can get updates of his live performance on the stage online.

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Updated: August 11, 2018 — 3:04 pm

7 Comments

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  1. Jai hind Bharat Mata ki jay

  2. Thank you for some other wonderful article. Where else may anybody get that kind of info in such a perfect method of writing? I have a presentation next week, and I am at the look for such info.

  3. HAPPY INDEPENDENCE DAY

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